जब भी मैं पहाड़ जाता ओर नैनीताल व भवाली में एक विशेष समुदाय के लोगों पर नजर पड़ती, तो वो समुदाय मुझे बड़ा आकर्षित करता था वो थे भोटिया। इन लोगों का पहनावा ओर खानपान मुझे विशेष रूप से आकर्षित करता था, ये लोग अधिकतर व्यापार करते हुये दिखते थे, उनके प्रति जिज्ञासा ने मुझे उनके बारे में ओर ज्यादा जानकारी लेने के लिये प्रेरित किया। ओर इसी के चलते मेरे एक लोकल मित्र क्वीरा जी ने मेरी मदद की, उन्होनें अपने एक भोटिया मित्र से मुझे मिलवाया ओर उसने मुझे जो जो बतलाया, उसमें से कुछ जानकारियाँ, भोटिया जनजाति के बारे में दे रहा हूँ। भोटिया जनजाति एक ऐसा समुदाय है, जो हिमालय की कठितम परिस्थितियों भी अपना अस्तित्व को बनाए हुये है। इस जनजाति ने आज भी, अपने गौरवमयी अतीत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया हुआ है, इस समुदाय की इसी जीवटता ने इसे समृद्ध बना रखा है। उत्तराखंड में भोटिया रं, शौका, जाड़, तोल्छा और मारछा के नाम से जाने जाते हैं, उत्तराखंड की किसी अन्य जनजाति में इतनी आन्तरिक विविधता व भौगोलिक विस्तार नहीं पाया जाता है,जितना इस जनजाति में ...
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