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रमुल दी

रमुल दी गाँव की सबसे समझदार महिला थी , ओर गाँव की सबसे अधिक पढ़ी लिखी भी।  बचपन में पेड़ से लकड़ियाँ काटने के दौरान गिर गई थी , जिसमें पैर में चोट लग गई ओर वह टूट गया था , टाईम पर इलाज ढंग का नही मिला तो पैर में लचक पड़ गई , इसी लचक की वजह से गाँव के लोगों ने उसका नाम डूणी रमुल निकाल रखा था , जो रमुल दी को बड़ा चुभता भी था।  शादी की उम्र आई तो पैर रुकावट बन कर खड़ा हो गया , पहाड में ऐसी लचक वाली लड़की को कौन ले जाता , वहाँ तो काम काजी लड़की चाहिये थी सभी को , हालाँकि रमुल दी हर काम में परफेक्ट थी , आज भी वो घर बाहर के सभी काम करती हैं , पर पैर में लचक के चलते शादी करने के लिये कोई लड़के वाले राजी नही होते थे।  बाद में खुद रमुल दी ने तय किया की , वो शादी ही नही करेगी अब , क्योंकि वो खुद को बोझ नही समझने देना चाहती थी , ओर इसलिये उन्होंने अपना सारा ध्यान घर के काम व पढ़ने की ओर लगा दिया।  पढाई में होशियार ठहरी ही ,साथ में घरेलू कामों में भी अव्वल ठहरी , किसी भी सही पैरों वाली लड़कियों से कम ना ठहरी रमुली दी , घास काटने से लेकर भैंस का दूध निकालने तक का ...