कम्मू शेर दा को रोड के नीचे जो जंगल था वहीं कुरी की झाड़ी में मिली थी, होगी तब कुछ दिनों की, कोई छोड़ गया मरने के लिये ,शायद उसे लड़की की जरूरत नही थी, या ओर कोई मामला रहा होगा,वैसे पहाड़ों में ऐसा होता नही अमूमन। कम्मू को जीना होगा, इसलिए उस दिन शेर दा को ईश्वर ने उसका रक्षक बना कर भेज दिया। उस दिन शेर दा का पेट थोड़ा खराब सा था, इसलिए तहसील से आते वक़्त वो गाँव जाने के रास्ते से थोडा़ पहले उतर गये, ताकि उधर से शॉर्ट कट जल्दी घर पहुँच जाये, ओर ज्यादा समस्या हो तो, झाड़ियों में निवृत भी हो ले। उस दिन शेर दा जल्दी से जल्दी घर पहुँचना चाहते थे, इसलिए वो तेज गति से नीचे की ओर उतर रहे थे,तभी उन्हें अजीब सी आवाज सुनाई दी, उन्हें लगा जैसे कोई अजीब जानवर रो रहा हो, या कोई बच्चा रो रहा हो, वो सावधानी से उस ओर बढ़े, वहाँ पहुँच कर देखा तो,देखते हैं की एक कपड़े में लिपटा हुआ बच्चा रो रहा है,उन्होनें उसे तुरंत उठाया ओर उलट पलट कर देखा की कोई चोट तो नही आई है बच्चे को, जब वो आश्वस्त हो गये की बच्ची बिल्कुल ठीक है तो वो उसे गाँव की तरफ लेकर चल दिये, ओर गाँव पहुँच कर उन्होनें लोगों को इस बच्च...
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