आज सुबह से ही दयो ( बारिश ) आने का मौसम सा हो रहा ठहरा ओर मुझे हल्द्वानी से गाँव जाना था, अब जब हल्द्वानी में ही जब ऐसा मौसम हों रहा ठहरा तो पहाड़ में कैसा हो रहा होगा। मुझे जरूरी काम से पहाड़ जाना था, इसलिए हमारे गाँव के गाडी वाले रमेश को फोन किया के, मुझे भी आना है पहाड़ को, इसलिए एक सीट रखना। रमेश ने कहा दाज्यू गाडी में खूब जगह है, बारिश के कारण लोग कम ही जाते हैं पहाड़ को, आप रोड पर आए मिलना, मैं वहीं से आपको मिल जाऊँगा। मैं फटाफट तैयार हो गया, क्योकिं रमेश एक घन्टे बाद आने वाला था ,तो कुछ जरूरी सामान बैग में रख लिया ठहरा, मुझे वैसे भी वहाँ एक हफ्ता कुल रुकना था। एक घन्टे बाद रमेश आ गया ठहरा, ओर हम रवाना हों लिये पहाड़ की तरफ बल, आधा घन्टा ही चले होंगे की दयो ( बारिश ) चालू हो गया ,गाडी में से रोड भी ठीक से नही दिख रही ठहरी, रमेश भी गाडी धीरे धीरे चला रहा था। एक जगह चाय की दुकान दिखी तो हमने गाडी रुकवा दी, नीचे उतरते ही जाड़ा लगने लगा, हमने वहाँ चाय पी ओर नाश्ता किया, जब बारिश थोड़ी कम सी हुई तो, फिर निकल पड़े पहाड़ को। आज पूरे रास्ते खूब दयो ( बारिश ) देखने को मिला,...
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